Bhartiya Manav Adhikar

Bhartiya Manavadhikar Nyay
Suraksha Parishad

भारतीय मानवाधिकार न्याय सुरक्षा परिषद्

भारतीय मानवाधिकार संघ या प्रकोष्ठ / सेल से किसी को भी पदाधिकारी / मेम्बर बनाने / रेनुन्वल करने / निरस्त करने का अधिकार सिर्फ राष्ट्रीय / अंतर्राष्ट्रीय चेयरमैन / प्रशासन समिति को है राष्ट्रीय पदाधिकारी / राज्य अध्यक्ष या पदाधिकारी / जिला अध्यक्ष या पदाधिकारी या संघ से जुड़े किसी भी पद को सिर्फ अनुसंशा करने का अधिकार है।संघ से जुड़ने के लिए ऑनलाइन फॉर्म भरें ।

पदाधिकारीयो के कार्य / नियम एवं शर्ते:-

प्रदेश प्रभारी :- संगठन का पूरे प्रदेश में विस्तार कर संगठन की विचारधारा पर कार्य करना , समस्त प्रदेश की कार्यकारिणी के कार्यो की समीक्षा कर उनकी रिपोर्ट राष्ट्रीय कार्यालय भेजना , प्रदेश अध्यक्ष की अनुपस्थिति में प्रदेश का नेतृत्व करना एवं प्रदेश अध्यक्ष का सहयोग करना , एवं राष्ट्रीय कार्यकारिणी के दिशा निर्देश में कार्य करना ।
नोट:- प्रभारी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की सहमति से किसी भी क्षेत्र का हो सकता है ।


प्रदेश अध्यक्ष –
कार्य – संगठन का पूरे प्रदेश में विस्तार कर संघठन की विचारधारा पर कार्य करना , नए फॉर्म संकलन कर राष्ट्रीय कार्यालय भेजना , समस्त कार्यकारिणी के बीच सामंजस्य रखकर संगठन को मजबूत करना एवं जिला अध्यक्षो को राष्ट्रीय कार्यकारिणी के दिशा निर्देश पर निर्देशित ,मार्गदर्शित करना । एवं राष्ट्रीय कार्यकारिणी के दिशा निर्देश में कार्य करना ।

जिला अध्यक्ष :- संगठन का सम्पूर्ण जिले में विस्तार कर संगठन की विचारधारा पर कार्य करना , जिले के नए फार्म संकलन कर प्रदेश कार्यालय भेजना , एवं जिला कार्यकारिणी एवं तहसील , नगर कार्यकारिणी को राष्ट्रीय एवं प्रदेश कार्यकारिणी के दिशा निर्देश पर मार्गदर्शित करना एवं राष्ट्रीय एवं प्रदेश कार्यकारिणी के दिशा निर्देश में कार्य करना है ।

इसी प्रकार संभाग/विभाग , तहसील , नगर /शहर कार्यकारिणी कार्य करेगी ।

विधि सचिव:- संस्था के विधि से संभंधित मामलों में कार्य करना , कार्यकर्ताओ को कानूनी जानकारी देना एवं जिला स्तर वाले जिला , प्रदेश , राष्ट्रीय कार्यकारिणी के एवं प्रदेश स्तर वाले प्रदेश एवं राष्ट्रीय कार्यकारिणी के दिशा निर्देश में कार्य करेंगे ।


बाकी पदाधिकारी अपने अपने स्तर पर वरिष्ठ पदाधिकारीयो के मार्गदर्शन में कार्य करेंगे ।

भारतीय मानवाधिकार न्याय सुरक्षा परिषद
संगठन के कार्यकर्ताओ हेतु नियम एवं शर्तें:-

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इस परिषद् में समाज के विभिन्न पहलुओं को देखते हुए कई अलग अलग विषयों के प्रकोष्ठ का भी गठन किया गया है, सभी प्रकोष्ठ मुख्य परिषद् के समान ही परिषद् के विधान से पोषित एवं शक्ति प्राप्त है । संस्थापक सदस्यों जिनमे मुख्यतः राष्ट्रीय संजोजक/संरक्षक व राष्ट्रीयअध्यक्ष / संस्थापक (जिसका चुनाव नहीं होगा), उनके अतरिक्त सभी का कार्यकाल 01 वर्ष का रखा गया है जिसको वक़्त परिस्थितियों को देखकर बढाया या घटाया भी जा सकता है ।

परिषद की कार्यकारिणी में
प्रवक्ता-4
सलाहकार-2
संरक्षक -2
प्रभारी-1
अध्यक्ष-1
कार्याध्यक्ष -1
उपाध्यक्ष-2
महासचिव -2
सचिव-2
विधि सचिव -5
सहसचिव-4
मीडिया प्रभारी- 5-7
कार्यकारिणी सदस्य-8

महिला एवं पुरूष दोनो अलग- अलग राष्ट्रीय /प्रदेश/संभाग/महानगर/तहसील/नगर/ स्तर पर पदाधिकारी रहेंगे
नोट- आवश्यकता एवं परिस्थितियों के अनुसार अलग अलग राज्यो में राष्ट्रीय अध्यक्ष इसमे बदलाव कर सकते है ।
समस्त पदाधिकारियो को उनके कार्यक्षेत्र में होने वाले समस्त बैठकों एवं आयोजनो में भाग लेना अनिवार्य है ।
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1) नियुक्ति के अधिकार ,
समस्त कार्यकर्ताओ की नियुक्तिया राष्ट्रीय अध्यक्ष महोदय के द्वारा प्रदेश अध्यक्ष की देखरेख में होंगे। एवं नियुक्ति पत्र में राष्ट्रीय अध्यक्ष का हस्तलिखित हस्ताक्षर ही मान्य होगा । नियुक्ति के लिए 4 पासपोर्ट फ़ोटो, आधार कार्ड/मतदाता परिचय-पत्र/पेन कार्ड/पासपोर्ट या किसी सरकारी संस्था द्वारा जारी किया गया परिचय पत्र इनमें से कोई एक , व्यक्ति का भारतीय नागरिक होना आवश्यक है। 10 ,50 या 100 के स्टाम्प पैपर पर शपथ -पत्र, पूर्ण व्यक्तिगत विवरण भरा हुआ जिसमे

में शपथपुर्वक घोषणा करता हूँ / करती हूँ की में भारत का / की नागरिक हूँ और स्वेक्षापुर्बक, स्वयं द्वारा वेध्यानिक रूप से अर्जित आय / संपत्ति से संस्था को अंशदान दे रहा हूँ / दे रही हूँ । मेरे द्वारा यहाँ प्रस्तुत की गई सूचनाएं पूर्णरूप से सत्य है । मेने संस्था के समस्त नियम समझ लिए है और में इससे सहमत हूं ।

आवदेक द्वारा घोषित घोषणा • मे किसी भी साम्प्रदायिक / आतंकवादी संघठन का सदस्य नहीं हूँ। • मुझे भारत या दुनिया के किसी भी देश की अदालत में दोषी नहीं ठहराया गया है। • मे भारत का नागरिक हूँ और भारत में किसी भी आपराधिक मामले में शामिल नहीं हूँ और कोर्ट ऑफ़ लों में मेरे खिलाफ़ कोई आपराधिक मामला लंबित नहीं है। • उपरोक्त सारी जानकारी सत्य है मेरे द्वारा कुछ भी छुपाया नहीं गया है । • परिषद में मेरी सदस्यता अवधि के दोरान मै परिषद के संविधान / नियम / उपनियम और समय समय पर परिवर्तित नियमों का पालन करूँगा। मेरे द्वारा स्वतः घोषित घोषणा पूर्णत सत्य है जानकारी गलत पाए जाने पर और परिषद के नाम का दुरूपयोग करने पर परिषद या सरकार या जाँच एजेंसी मेरे खिलाफ़ कार्यवाही कर सकती है। • मे भारतीय मानवाधिकार न्याय सुरक्षा परिषद के सदस्य के रूप में सभी नियम / कानून को हमेशा मानने के लिए सहमत हूँ किसी भी विवाद का न्यायछेत्र इंदौर, मध्यप्रदेश होगा / वचन देता हूँ । एवं मेरे द्वारा की गई अनुशासन हीनता की स्थिति में मुझे संस्था के पदों / सदस्यता से एकाधिकार संगठन के सक्षम अधिकारियों को हैं । समय समय पर संगठन द्वारा नियमो में किए जाने वाले परिवर्तन भी मुझ पर बाध्यकारी है ।

सपथ पत्र में भारतीय मानवाधिकार न्याय सुरक्षा परिषद के सदस्यता फॉर्म के साथ समक्ष नोटरी पब्लिक ( No Criminal Certificate ) संलग्न करना है। —

सदस्यता फॉर्म, कार्यकारणी के किसी अन्य सदस्य द्वारा साक्षात्कार होना आवश्यक है।


2) संस्था में जुड़ने हेतु सहयोग राशि प्रदेश स्तर 5000 , संभाग 4000/- जिला 3000, तहसील 2100 शहर 1100 कार्यकर्ता 550 ।
नोट -अलग अलग राज्यो में शुल्क अलग हो सकता है । ( महाराष्ट्र में पूर्व में निर्धारित चार्ट के अनुसार सदस्यता शुल्क मान्य है )।
नियुक्ति के 1 वर्ष पश्चात हर पदाधिकारी एवं सदस्यों को 300 प्रतिवर्ष सदस्यता नवीनीकरण करवाने हेतु सहयोग राशि देनी होगी ।

3) परिषद् के नियमों में प्रतिवर्ष बदलाव राष्ट्रीय अध्यक्ष की अध्यक्षता में किये जायेंगे।
4) राज्यों में सदस्यता नवीनीकरण का प्रावधान भी रखा गया है जो कार्यों की समीक्षा कर किये जायेंगें।
5) राष्ट्रीय कार्यकारणी से कोई सदस्य संस्थागत कार्य हेतु आता है तो उसका पूरा खर्च वहन प्रादेशिक कार्यकारणी करेगी, बैठको की संख्या प्रादेशिक कार्यकारणी तय कर सकती है।
6) संवेधानिक तरीके से सदस्य जोड़ने का क्रम जारी रखें जिससे परिषद् का विस्तार एवं आय में वृद्धि हो सके।
7) संगठन के सारे वैधानिक अधिकार राष्ट्रीय अध्यक्ष के पास सुरक्षित है, जिनमें समयानुसार फ़ेरबदल राष्ट्रीय कार्यकारणी की सहमति से तथा देश,काल परिस्तिथि के अनुसार किये जा सकते है, किसी भी नियम को राज्य कार्यकारणी लागू करने से पहले राष्ट्रीय कार्यकारणी से लिखित आदेश प्राप्त करें।

8)असवैधानिक, राष्ट्रविरोधी, संगठनविरोधी एवं ग़ैरक़ानूनी कार्य किये जाने पर नियुक्ति तत्काल प्रभाव से निरस्त कर कार्यवाही की जावेगी।
9) कार्ड का दुरूपयोग करना दंडनीय अपराध है, सदस्यता शुल्क वापस नही होगा।
10) किसी भी विवाद की स्तिथि में न्यायिक क्षेत्र इंदौर एवं दिल्ली रहेगा।
11) राज्य से सदस्यता शुल्क के साथ में आवश्यकता अनुसार दानराशि भी ली जावेगी जिससे संगठन के कार्य संचालित किये जायेंगे।
12) अलग-अलग राज्यों के नियम कार्यानुसार अलग-अलग हो सकते है।
13) परिषद् का गणवेश पुरुषों के लिए सफ़ेद शर्ट, काला पेंट, काला बेल्ट एवं काले जूते (काला कोट एवं नीली टाई सामर्थ्य अनुसार वैकल्पिक) महिलाओं के लिए सादी छोटी बार्डर की साड़ी या सिंपल सलवार सूट तय किया गया है, जिसका उपयोग हमेशा किसी भी कार्यक्रम एवं किसी अधिकारी से भेंट के दौरान करें।
14) बैठक का एजेंडा राष्ट्रीय या प्रादेशिक कार्यकारणी से तय कर निर्धारित करें।
15) किसी सदस्य द्वारा संस्था द्वारा निर्धारित की गई सहयोग राशि से (सिर्फ कार्यकर्ता की राशि को छोड़कर)10% राज्य में एवं 10% संबंधित जिले में एवं 10% जिस कार्यकर्ता द्वारा नियुक्ती आई है उसको एवं प्रदेश एवं जिला कार्यकारिणी को संगठन के विस्तार हेतु वापस भेजी जाएगी। निर्धारित सहयोग राशि से कम आने पर यह मान्य नही है । एवं इसके अतिरिक्त राज्य से आया हुआ किसी भी तरह के दान का 50% राज्य में भेजा जाएगा । जिसका हिसाब भी राष्ट्रीय कार्यकारिणी को देना होगा ।
16) राज्य या जिले में परिषद की हर गतिविधि राष्ट्रीय अध्यक्ष को अवगत कराने के पश्चात ही करे ।
17)राज्य के जिस क्षेत्र में आपके द्वारा कार्यकारिणी का विस्तार नही हुआ है । वहा किसी व्यक्ति को मनोनीत करने का अधिकार राष्ट्रीय अध्यक्ष के पास सुरक्षित है।
18) आपके द्वारा मनोनीत किये व्यक्ति की सम्पूर्ण जिम्मेदारी आपकी रहेगी । अपने स्तर पर जाँच करने के पश्चात ही मनोनीत करे ।
19) संस्था का परिचय पत्र या नियुक्ति पत्र राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा जारी किया हुआ ही मान्य होगा अन्यथा वह परिचय पत्र एवं नियुक्ति पत्र गलत माना जाएगा एवं जारी करने वाले पर संस्थागत कार्यवाही की जाएगी ।

20)संस्था के समस्त कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी अवैतनिक है ।
21)परिषद के सदस्य सिर्फ उन्हीं व्यक्तियों को बनाए जो साफ छवि के हो निःस्वार्थ भाव से परिषद एवं आम जन के लिए कार्य करे ।
एवं उन पर किसी भी तरह का प्रकरण या आपराधिक पृष्ठभूमि ना हो और ना ही न्यायालय में कोई केश लंबित हो ।
परिषद के प्रत्येक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता को कानून के दायरे में रह कर काम करना है ।
एवं सिर्फ खुद के स्वार्थ हेतु परिषद से ना जुड़े

22) संस्था में सदस्य्ता शुल्क आने के बाद ही नियुक्ति की जाएगी ।

23) सहयोग राशि संस्था के रजिस्टर्ड खाते में ही भेजे किसी भी पदाधिकारी के निजी खाते में नही भेजे ।

24) संस्था के अखबार में भी सहयोग हेतु राज्य एवं प्रत्येक जिले से प्रतिवर्ष कोई भी 1 विज्ञापन/जाहिरात देना आवश्यक है ।

25) संस्था का लेटर हेड , मोहर या अन्य संगठन से सम्बंधित सामग्री एवं कार्यालय खोलने से पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष से अनुमति लेना अनिवार्य है । एवं उपयोग में लिए प्रत्येक लेटर की कॉपी राष्ट्रीय कार्यालय भेजना अनिवार्य है ।

26) संगठन के पदाधिकारियों (प्रदेश/संभाग/जिला/तहसील/नगर ) के अध्यक्षों को आपने कार्यक्षेत्र में संघटन का विस्तार करना एवं तय समय पर कार्यकारिणी बनाना आवश्यक है अन्यथा उन्हें पद मुक्त कर किसी अन्य सक्रिय कार्यकर्ता को दिया जाएगा ।

27) संघठन में अनुशासन का विशेष ध्यान रखे अनुशासनहीनता होने पर तुरन्त संघठन से बाहर करने का अधिकार राष्ट्रीय अध्यक्ष के पास सुरक्षित है

28) समस्त जिलाध्यक्षो को प्रत्येक 2 माह में जिला कार्यकारिणी की समीक्षा बैठक रखनी अनिवार्य है जिसमे सुझाव या विचार विमर्श करके संघटन की मजबूती हेतु आगे कार्य करने की योजना बनाए ।
और संभाग या विभागीय अध्यक्ष को प्रत्येक 3 माह में उनके कार्यक्षेत्र में आने वाले समस्त जिला अध्यक्षो की बैठक लेना आवश्यक है ।
एवं प्रदेश अध्यक्ष को प्रदेश में साल में 2 प्रदेश स्तर की बैठक लेना जिसमे 1 बार (समस्त जिलाध्यक्षों एवं संभागीय अध्यक्षों )की
एवं 1 बार राष्ट्रीय अध्यक्ष की उपस्थिति में समस्त कार्यकर्ताओ की बैठक लेना आवश्यक है ।


29)संगठन में समस्त कार्यकर्ताओ की नियुक्ति 1 साल के लिए अपने कार्य क्षेत्र में संगठन की विचारधारा को बढ़ावा देने एवं उस पर कार्य करने हेतु दी जाती है । एवं यह एक निश्चित समय बाद अमान्य होगी ।

30) संघठन का परिचय पत्र संस्था में परिचय मात्र है इसका दुरुपयोग करने पर धारक स्वयं जिम्मेदार होगा ।

31)जैसा कि हम सभी जानते है, की हर विभाग/संस्था/संगठन का एक ड्रेस कोड होता है, उसी प्रकार हमारे परिषद का भी एक ड्रेस कोड है।
जो इस प्रकार है…
(1) व्हाइट शर्ट
(2) ब्लेक पेंट
(3) ब्लैक शूज
(4) ब्लैक बेल्ट
(5) ब्लैक ब्लेजर (पॉकेट पर परिषद का लोगो)
ब्लेज़र ऑप्शनल है, अगर हो तो ठीक, अन्यथा जरूरी नही है।
इनमे से अधिकांश सदस्यो के पास पांचो सामग्री में से अधिकांश सामग्री होगी।
अगर नही है तो 15-20 दिन के समय मे तैयार करा लेवे।
जिससे किसी भी अधिकारी से मिलने या किसी भी कार्यालय में कोई भी काम से जाने पर हमारे कार्य को प्राथमिकता से लिया जा सके, एवं हमारे संगठन की व हमारी पहचान प्रभावशाली बन सके ।
भारतीय मानवाधिकार न्याय सुरक्षा परिषद् के समस्त प्रकोष्ठ / परिषद् आदि उसके सम्बद्ध संघठन है ।
(4) प्रारंभिक सदस्य कैसे बनें ? आवदेन फॉर्म के साथ 100/- रू प्रवेश शुल्क देकर इसका प्रारंभिक सदस्य बन सकता है परन्तु 10/- रू प्रति माह मासिक शुल्क जमा करना अनिवार्य होता है अन्यथा सदयस्ता स्वतः रद्द हो जाती है । राशी को सीधे केंद्र को (भारतीय मानवाधिकार न्याय सुरक्षा परिषद) के बैंक खाते मै सीधे जमा कराने का प्राबधान है । जिसे राष्ट्रीय अध्यक्ष की निगरानी मै केंद्रीय कमिटी कार्यालय संचालन, अनुसंधान, मानव अधिकार जागरूकता अभियान, मानवाधिकार शिक्षा, निशुल्क क़ानूनी सलाह, लेखन सामग्री, तथा सभा, आयोजन, व अधिकारों की प्राप्ति के लिए होने वाले शांतिपूर्ण धरने प्रदर्शन, आदि आंदोलनों मै खर्च करती है
6) अन्य शुल्क संघ का परिचय पत्र प्राप्त करने हेतु एक आवेदन पर परिचय पत्र जारी किया जाता है, जो एक वर्ष के लिए वेध्य होता है । ( इसका शुल्क 100/- रु० है ) नोट:- ये सिर्फ प्रारंभिक सदस्य के लिए है ।
(7) दान सहयोग राशी प्राप्त करना सदस्य नहीं होने के बाबजूद भी संघ मै यदि कोई दानी सज्जन अपना योगदान देना चाहते हों तो वे भारतीय मानवाधिकार न्याय सुरक्षा परिषद के संबंधित खाते मै धनराशी जमा करके जमापर्ची की फोटो प्रति मुख्य कार्यालय भेजकर पावती रसीद माँगा सकते है । यह राशी समाज हित में उपयोग की जाएगी और जिसका सम्पूर्ण व्योरा आवश्कता पड़ने पर कोर कमिटी के समक्ष सार्वजनिक किया जाएगा ।
(8) परिषद् का ढांचा एवं कार्यकारणी पुरे देश में परिषद् के द्वारा मानव अधिकार का प्रचार प्रसार और समाज सेवा हो सके और जरुरतमंदों को सामाजिक, प्रसासनिक, और सरकारी लाभ मिले इसलिए देश की राष्ट्रीय कार्यकारणी को निम्न 8 भागों / जोन में बांटा गया है :- 1.उत्तर भारतीय जोन, 2. दक्षिण भारतीय जोन, 3. पूर्व भारतीय जोन, 4. पश्चिम भारतीय जोन, 5. पूर्वोतर भारतीय जोन, 6. पश्चिमोतर भारतीय जोन, 7. दक्षिण पश्चिम भारतीय जोन, 8. दक्षिण पूर्व भारतीय जोन, इन्ही उपरोक्त 8 जोन के लिए जिम्मेदारी वाले पदों का सृजन किया गया है, जोकि निम्न राष्ट्रीय कार्यकारणी में समायोजित हैं । राष्ट्रीय कार्यकारणी इस प्रकार है : 01. राष्ट्रीय अध्यक्ष- संस्थापक स्वयं या उसके द्वारा नियुक्त व्यक्ति 02. आठ राष्ट्रीय प्रभारी – प्रत्यक जोन में एक 03. आठ राष्ट्रीय जोनल अध्यक्ष एवं उनकी जोनल कार्यकारणी – प्रत्येक जोन में एक 04. आठ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष – प्रत्येक जोन में एक 05. आठ राष्ट्रीय महासचिव – प्रत्येक जोन में एक 06. आठ राष्ट्रीय संघठन मंत्री – प्रत्येक जोन मै एक 07. आठ राष्ट्रीय प्रवक्ता – प्रत्येक जोन में एक 08. आठ राष्ट्रीय सोशल मीडिया प्रभारी – प्रत्येक जोन में एक 09. आठ राष्ट्रीय संघठन सचिव (Organizing Secretary) – प्रत्येक जोन में एक
10. आठ राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष (Treasurer) – प्रत्येक जोन में एक 11. राष्ट्रीय सचिव – Secretary – प्रत्येक राज्य में एक 12. राष्ट्रीय सह सचिव – Joint Secretary – प्रत्येक राज्य में एक 13. राष्ट्रीय अतरिक्त सचिव – Additional Secretary – प्रत्येक राज्य में एक 14. राष्ट्रीय विधि सलाहकार – Main Adviser – प्रत्येक राज्य में एक 15. राष्ट्रीय मुख्य सलाहकार – Legal Advisor – प्रत्येक राज्य में एक 16. राष्ट्रीय कार्यकारिणी स्द्स्यगन – संख्या राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा निर्धारित 17. अन्य पद जैसे – राष्ट्रीय सलाहकार, संरक्षक, संयोजक, विशेष आमंत्रित सदस्य आदि एवं अन्य पद भी हो सकते है जिनको राष्ट्रीय अध्यक्ष कार्यछेत्र अनुसार सृजन कर सकते है । 18. प्रतेक प्रकोष्ठ का एक कार्यवाहक राष्ट्रीय अध्यक्ष होगा जो सीधे राष्ट्रीय अध्यक्ष के नेतृत्वा में कार्य करेगा । उपरोक्त वर्णित आठों जोनल अध्यक्ष अपने अपने जोन के अंतर्गत आने राज्य का कार्य देखेंगे । इसके साथ ही प्रत्येक राज्यों की संघठानात्मक गतिविधियों की सीधी रिपोर्टिंग राष्ट्रीय अध्यक्ष को करेगा वहीँ दूसरी ओर प्रदेश प्रभारी एवं प्रदेशाध्यक्ष अपने राज्य की सामाजिक एवं संघाठात्मक गतिविधियों की सीधी रिपोर्टिंग अपने जोनल अध्यक्ष को करेगा । कुछ खास विषयों में परिषद् का कोई भी सदस्य राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्देश पर उनको सीधा रिपोर्टिंग कर सकता है । यह सिस्टम मुख्य परिषद् एवं उसके प्रत्येक प्रकोष्ठ के लिए अलग से लागु होगा ताकि पूरी बारीकी से परिषद् एवं समाज सेवा सुचारू रूप से चल सके Cabinet / कार्यकारिणी की जबाबदेही निम्न प्रकार से होगी राष्ट्रीय / केंद्रीय स्तर पर (राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उनकी केंद्रीय / राष्ट्रीय कमिटी) जोनल कार्यकारिणी प्रत्येक जोन पर (जोनल अध्यक्ष एवं उनकी जोनल कार्यकारिणी) प्रदेश स्तर अर्थात प्रत्येक राज्य स्तर पर (प्रदेशाध्यक्ष एवं प्रदेश कमिटी) सम्भाग स्तर अर्थात प्रत्येक राज्य के संभाग स्तर पर (संभाग अध्यक्ष एवं संभागीय कमिटी)
जिला स्तर अर्थात प्रत्येक संभाग के जिला स्तरों पर (जिला अध्यक्ष एवं जिला स्तरीय कमिटी) शहर स्तर अर्थात प्रत्येक जिलों के शहर {नगर} स्तर पर (शहर अध्यक्ष एवं उनकी कमिटी) प्रत्येक तहसीलों / ग्राम / ब्लॉक एवं वार्ड स्तरीय अध्यक्ष एवं उनकी कमिटी उपरोक्त सिस्टम व प्रक्रिया सभी अलग अलग प्रकोष्ठों में भी लागु होगी ।
(9). प्रत्येक स्तर की कमिटी या कार्यकारिणी में पदों का बिभाजन इस प्रकार है : जोनल कार्यकारिणी में :- 01. जोनल अध्यक्ष (President) संबंधित जोन में एक 02. जोनल कार्यवाहक अध्यक्ष (Executive President) – संबंधित जोन में एक 03. जोनल उपाध्यक्ष (Vice President) – संबंधित जोन में एक 04. जोनल महासचिव (महामंत्री) – General Secretary – संबंधित जोन में एक 05. जोनल संघठन सचिव (Organizing Secretary) – संबंधित जोन में एक 06. जोनल कोषाध्यक्ष (Treasurer) – संबंधित जोन मै एक 07. जोनल सचिव – Secretary – संबंधित जोन में एक 08. जोनल साह सचिव – Joint Secretary – संबंधित जोन में एक 09. जोनल अतिरिक्त सचिव – Additional Secretary – संबंधित जोन में एक 10. जोनल सचिव – सोशल मीडिया – Social Media Secretary – संबंधित जोन में एक 11. जोनल विधि सलाहकार – Legal Advisor – संबंधित राज्य में एक 12. जोनल मुख्य सलाहकार – Main Advisor – संबंधित राज्य में एक 13. जोनल मंत्री / उपमंत्री – संबंधित राज्य में एक 14अपने से अधिनस्त राज्य स्तर पर एक प्रदेश प्रभारी/प्रदेश सह प्रभारी-संबंधित राज्य में एक एक 15. जोनल सोशल मीडिया प्रभारी – संबंधित राज्य में एक 16. जोनल संघठन मंत्री – संबंधित राज्य में एक 17. जोनल कार्यकारिणी स्द्स्यगन – संख्या जोनल अध्यक्ष के अनुशंषा और राष्ट्रीय अध्यक्ष की स्वीकृति पर 18. अन्य पद जैसे – जोनल सलाहकार, संरक्षक, संयोजक, विशेष आमंत्रित सदस्य आदि एवं अन्य पद भी हो सकते है जिनको जोनल अध्यक्ष की अनुसंशा पर राष्ट्रीय अध्यक्ष कार्यछेत्र अनुसार सृजन कर सकते है । इसी अनुसार प्रदेश, संभाग, जिला, नगर/शहर, तहसील, ब्लॉक, ग्राम पंचायत छेत्र, वार्ड आदि की कार्यकारिणी के पद होंगे ।

या

प्रवक्ता-4
सलाहकार-2
संरक्षक -2
प्रभारी-2
अध्यक्ष-1
उपाध्यक्ष-2
महासचिव -2
सचिव-2
विधि सचिव -5
सहसचिव-4
मीडिया प्रभारी- 5-7
कार्यकारिणी सदस्य-8

महिला एवं पुरूष दोनो अलग- अलग राष्ट्रीय /प्रदेश/संभाग/महानगर/तहसील/नगर/ स्तर पर पदाधिकारी रहेंगे

(10) भारतीय मानवाधिकार न्याय सुरक्षा परिषद. के अंतर्गत वर्तमान में निम्न प्रकोष्ठ / परिषद् है । सम्बद्ध संघठन :- संघठन के संविधान के अधीन (1) महिला प्रकोष्ठ (2) युवा प्रकोष्ठ (3) शिक्षा प्रकोष्ठ (4) स्वास्थ प्रकोष्ठ (5) ड्रग / क्राइम प्रकोष्ठ (6) बेटी बचाओ मानवता जगाओ प्रकोष्ठ (7) विद्यार्थी प्रकोष्ठ (8) मीडिया प्रकोष्ठ (9) विधिक सहायता प्रकोष्ठ (10) रक्तदान प्रकोष्ठ (11) कृषि प्रकोष्ठ
(12) उपभोक्ता प्रकोष्ठ ।
11. संघ के महत्वपूर्ण नियम :
नोट :- किसी भी आयोजन में लगने वाले बोर्ड / बैनर / प्लेक्स पर माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष का फोटो सम्मानजनक स्थान पर लगाना अनिवार्य है साथ ही संघ के वेबसाइटwww.bhartiyamanvadhikar.inको लिखना है ।
A1. समय समय पर अन्य प्रकोष्ठों का निर्माण / विघटन वक़्त परिश्तियियों को देखकर किया जा सकता है या किन्ही खास कारणों से प्रकोष्ठ या मुख्य कार्यकारिणी बिना सुचना दिए भंग की जा सकती है । ये अधिकार सिर्फ राष्ट्रीय अध्यक्ष को है ।
A2. सामान्यतः विभिन्न स्तर के अध्यक्ष या सम्बंधित पदाधिकारी के मनोनयन के बाद 30 से 45 दिन या अंतिम 60 दिवस के भीतर उसे अपनी कार्यकारणी गठित करने की सूची के साथ अनुसंशा राष्ट्रीय अध्यक्ष को करनी है, यदि ऐसा नहीं होता है तो उसकी मनोनय निरस्त समझी जा सकती है तथा नए अध्यक्ष या सम्बंधित पदाधिकारी का मनोनय किया जा सकता है किन्तु नव अध्यक्ष कार्यकारिणी गठन के लिए यदि चाहे तो सम्बंधित पदाधिकारी से लिखित में, व्हाट्सएप्प, फेसबुक चेट, ईमेल, या फोन आदि पर सूचित कर कुछ और समय मांग सकता है । विभिन्न स्तरों के अध्यक्ष या अन्य पदाधिकारी जिनको कार्यकारिणी निर्माण की जिम्मेवारी सोपी गई है, यदि उनके द्वारा नियत समय में कार्यकारिणी नहीं बनाई जाति है या सुचना नहीं दी जाती है तो उनके स्थान पर उन्हें बिना कोई सुचना दिए या प्रकाशित करवाए किसी अन्य व्यक्ति को न्युक्त किया जा सकता है ।
A3. ऐसे राज्य या स्थान जहाँ कार्यकारिणी गठित नहीं है, उनके लिए संघ के या बाहर से प्रभारी न्युक्त किये जाते है जिनका कार्य उचित व्यक्ति का नाम अध्यक्ष पद के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष को देना होता है ।
A4. समय समय पर विधान में संसोधन किया जा सकता है जिसके सर्वाधिकार राष्ट्रीय अध्यक्ष / संस्थापक अध्यक्ष के पास सुरक्षित है ।
A5. परिषद् के किसी भी पदाधिकारी या सदस्य आदि द्वारा यदि किसी भी तरह के गैर क़ानूनी कार्य, देश की राष्ट्रीय धरोहर को छति / नुकसान पहुँचाने के किसी भी कृत्य या किसी भी अपराध के लिए, समाज में नफरत या अशांति का माहोल फ़ैलाने वाला व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होगा तथा राष्ट्रीय अध्यक्ष, संस्थापक या संघ के अन्य सदस्य इसके लिए जिम्मेदार नहीं माने जाएँगे और ऐसा कोई भी अपराध या कृत्य किया जाता है या सिद्ध होता है जिसकी सुचना मिलने या न मिलने पर भी उस व्यक्ति का इस परिषद् से स्वतः ही निष्कासन / पदमुक्त माना जाएगा ।
A6. किसी भी वर्तमान या पूर्व पदाधिकारी, सदस्य, कार्यकर्ता, प्रारंभिक सदस्य या अन्य व्यक्ति द्वारा संघ के लैटरपेड़, सील, आई डी कार्ड आदि का दुरूपयोग किया जाता है तथा परिषद् के सदस्यों के खिलाप उन्हें बेवजह परेशान, प्रताड़ित, बदनाम, छवि ख़राब करने के उद्देश्य से सोशल मीडिया (फेसबुक, व्हात्सप्प, आदि पर) मोखिक, लिखित आदि किसी भी प्रकार से कोई क्रिया कलाप करता है तो उसके खिलाप समक्ष न्यायलय में वाद दायर किया जा सकता है तथा आवश्यक क़ानूनी कार्यवाही के लिए वो स्वयं जिम्मेदार होगा और इस क़ानूनी कार्यवाही में आए खर्च को कानून सम्मत तरीके से उसके द्वारा वहन किया जाएगा ।
A7. हमारे परिषद् में राष्ट्रीय अध्यक्ष {संस्थापक अध्यक्ष} का चुनाव नहीं होता, राष्ट्रीय अध्यक्ष के अलावा किसी भी स्तर के अध्यक्ष या किसी भी पद के पदाधिकारी / को मनोनित या हटाने का पूर्ण अधिकार सिर्फ राष्ट्रीय अध्यक्ष को है या जिसको वो चाहें विशेष कार्यभार सोंप सकते है उनको है, किन्तु अपना कार्यकाल पूरा करने या निम्नलिखित धारा (12) के उपधारा 05 के बिंदुओं के अनुसार कोई भी पदाधिकारी या सदस्य गलत पाए जाने पर पदमुक्त किया जा सकता है ।
(12) भारतीय मानवाधिकार न्याय सुरक्षा परिषद् के नियम और विनियम:
A. संघठन का नाम :- इस संघठन का नाम भारतीय मानवाधिकार न्याय सुरक्षा परिषद है । B. सदस्यता की परिभाषा :- कोई भी भारतीय व्यक्ति इसका सदस्य बन सकता है जो परिषद् के धारा (2) को मानता हो, साफ सुथरा छबी का हो, किसी भी न्यायलय में कोई अपराधिक मुकदमा या किसी थाने में कोई कांड नहीं हो, किसी भी प्रतिबंधित संघठन का सदस्य ना हो, राष्ट्र के विकाश के साथ साथ मानव अधिकार शिक्षा, मानव के अधिकार का प्रचार प्रसार और सामाजिक कार्य करने को इच्छुक हो तथा संघ की मूल भावना एवं विचारधारा एवं संघ के संविधान से एकरूप होकर निर्धारित कार्य छेत्र का पालन करने को तैयार हो । C. सदस्यता के लिए प्रवेश एवं योग्यता :- कोई पक्का नियम नहीं है अध्यक्ष / प्रभारी के स्वःविवेक पर है परन्तु मूल संघठन एवं उसके प्रकोष्ठों के विषययों के अनुसार हो । D. सदस्यता शुल्क :- उपरोक्त बिन्दु ‘’D’’ में वर्णित उपधाराओं के अनुसार हो । X1. प्रारंभिक सदस्यता शुल्क 250/- रु० X2. सदस्यों के लिए सदस्यता शुल्क 500/- रु० X3 तहसिल / नगर के लिए 1100जिला के लिए 2100/- और राज्य के लिए 3000/- रुपये है । X4. आजीवन सदस्यता शुल्क 10000/- देकर परिषद् के आजीवन सदस्य बन जाएँगे । नोट :- सदस्य या पदाधकारी वार्षिक शुल्क भारतीय मानवाधिकार न्याय सुरक्षा परिषद के बैंक अकाउंट में जमा देकर प्रधान कार्यालय से पावती रसीद प्राप्त कर सकते है । 05. सदस्यता का समाप्त होना ;- कोई भी निम्न कारणों से सदस्य नहीं रहेगा : NX 1. मृत्यु हो जाने पर
NX2. जब वो स्वयं परिषद् छोड़ना चाहे और उसके त्यागपत्र को संबंधित द्वारा स्वीकार कर लिया गया हो । NX 3. अगर कोई सदस्य या पदाधिकारी संघ के नाम का दुरूपयोग करता है । NX 4. कोई भी सदस्य या पदाधिकारी परिषद् के नियमों और उपनियमों का पालन नहीं करता है । NX 5. कोई भी सदस्य या पदाधिकारी जिसे परिषद् के कार्यकलापों को करने में शारीरिक और मानसिक रूप से असमर्थ पाया गया हो । NX 6. कोई भी सदस्य या पदाधिकारी परिषद् में गुटवाजी, संघटन बिरोधी साजिश, गलत आचरण, या ऐसा कोई कार्य जिसे संघठन बिरोधी माना जाए । NX 7. धारा 2 को नहीं मानने पर NX 8. धारा (12) के उपधारा B और D के कंडिका संख्या X5, X6. X7. X8. X9. के नहीं मानने पर नोट : राष्ट्रीय अध्यक्ष किसी भी पदाधाकिरी या सदस्य की सदस्यता रद्द या बहाल कर सकते है ।
(13). किसी भी तरह के विबाद में न्यायछेत्र नई दिल्ली , होगा । (!4 भारतीय मानवाधिकार न्याय सुरक्षा परिषद् और सम्बद्ध संघठन / प्रकोष्ठ की कुछ महत्वपूर्ण एवं सामान्य जानकारी यहाँ प्रदर्शित की गई है । परिषद् के नियम की धारा, उपधारा (1) से (13) तक जो यहाँ प्रदर्शित है परिषद् और परिषद् से सम्बद्ध सभी संघठन / प्रकोष्ठ में लागु होगीं । परिषद् के पूर्ण नियम, उपनियम की जानकारी सद स्य और पदाधिकारी कार्य दिवस पर प्रधान कार्यालय में देख सकते है ।


32) सभी महानुभाव किसी ना किसी राजनैतिक, धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों से जुड़े हुए है जो उनकी व्यक्तिगत पसंद है परंतु हम जब भारतीय मानवाधिकार न्याय सुरक्षा परिषद् के बैनर तले कार्य करें तो हमारा ध्येय सिर्फ मानवसेवा होना चाहिए जो जात, धर्म, दल, समुदाय से परे हो ..
“मानव सेवा परमधर्म” एवं सर्वधर्म स्वभाव हो।
किसी भी प्रकरण को राजनैतिकरण, कट्टरता से बचाकर न्यायोचित मार्ग पर अग्रसर करें.